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Indian Army: शाहिद जवानों को कैसे दी जाती है ‘अंतिम विदाई’,परिवार वालों को क्या मिलती है सुविधाएं

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Indian Army: शाहिद जवानों को कैसे दी जाती है ‘अंतिम विदाई’,परिवार वालों को क्या मिलती है सुविधाएं

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Indian Army: आज के समय भारत दुनिया के सबसे ताकतवर देश की सूची में आ गया है. हमारे पास एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ-साथ एडवांस टेक्नोलॉजी से लैस हथियार, मिसाइल और मजबूत जवानों का ग्रुप है. यहीं वजह हैं कि पड़ोसी देश तमाम कोशिशों के बाद लगातार हमले पर हमलें किए जा रहे हैं. लेकिन भारत का कुछ नहीं बिगाड़ पा रहे हैं. कई बार तो इन हमलावरों की वजह से सीमा की रक्षा कर रहे जवानों को अपना जान गवना पड़ जाता है. यह बात बिलकुल सही है.

Indian Army

आज हम अपने ही देश में कहीं भी कभी आ जा सकते है. जो सीमा पर खड़े जवानों की देन है. लेकिन देश की रक्षा करते-करते शहीद हो जा रहे जवान के परिवारों का दर्द हम लोग नहीं समझ सकते हैं. लेकिन उनके परिवार वालों को सरकार अलग-अलग तरीके से आर्थिक रूप से मदद भी सकती है. आईए जानते हैं केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से शहीद बेटे के परिवार के लोगों को क्या-क्या सुविधा और कैसी सुविधा दी जाती हैं? देखते हैं..

हर संभव मदद की कोशिश में सरकार

अगर कोई भी जवान जम्मू-कश्मीर की धरती पर शहीद होता है. तो जम्मू कश्मीर सरकार भी उनके परिवार के लोगों को 200,000 रुपए आर्थिक मदद देती है और पत्नी को हवाई यात्रा या फिर रेल यात्रा के किराए में पूरी छूट दी जाती है. इसके अलावा ग्रेविटी फंड और छुट्टी का पैसा मिलकर परिवार वालों को सौंप दिया जाता है.

• आर्मी वाइवस वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से शहीद जवान के परिवार वालों को 10,000 रुपए दिया जाता है.

• शहीद जवान की पत्नी या परिवार को आखिरी तनख्वाह के बराबर पेंशन दिया जाता है.

• आर्मी सेंट्रल वेलफेयर फंड की ओर से 30,000 रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है.

• शहीद जवान के परिवार वालों को केंद्र सरकार की ओर से 10 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है.

• केंद्र सरकार एलपीजी गैस की एजेंसी और पेट्रोल पंप में 8 % की आरक्षण भी परिवार वालों को देती है.

• आर्मी ग्रुप इंश्योरेंस की ओर से 25 लाख रुपए परिवार को दिया जाता है.

• शहीद जवान के परिवार के लोगों के लिए प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट में आरक्षण की भी सुविधा मिलती है. जिसके लिए कुल 42 सीटें MBBS और 3 BDS के लिए रिजर्व रहती हैं.

• इन सीटों पर केवल शहीद जवानों के बच्चे की एडमिशन ले सकते हैं.

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Vivek Yadav
Vivek Yadavhttps://bloggistan.com
विवेक यादव डिजिटल मीडिया में पिछले 2 सालों से काम कर रहे हैं. Bloggistan में विवेक बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. इससे पहले`द बेगुसराय' के साथ इन्होंने अपनी पारी खेली है. ऑटो और टेक पर लिखने में इनकी विशेष रुचि है. इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से अपनी स्नातक की पढ़ाई की है.

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